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JHARKHAND NEWS: हेमंत सोरेन ने किया घोषणा, होली से पहले झारखंड में महिलाओं के खाते में आयेंगे एक साथ ₹7,500 रुपए!!

हेमंत सोरेन

 

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 के अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की महिलाओं को एक विशेष उपहार प्रदान किया है। 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' के तहत, सरकार ने एक साथ तीन किस्तों का भुगतान करने की घोषणा की है, जिससे राज्य की लगभग 55 लाख महिलाओं के खातों में ₹7,500 की राशि जमा की जाएगी।

मंईयां सम्मान योजना का उद्देश्य और विकास

'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जिससे उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के स्तर में सुधार हो सके। शुरुआत में, इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं को प्रति माह ₹1,000 की सहायता राशि दी जाती थी। हालांकि, अक्टूबर 2024 में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस राशि को बढ़ाकर ₹2,500 प्रति माह करने की घोषणा की, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में और सुधार हो सके।

आधार लिंकिंग की समय सीमा में विस्तार

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए, लाभार्थियों के बैंक खातों को आधार से लिंक करना आवश्यक था। पहले, यह समय सीमा 31 दिसंबर 2024 तक थी, लेकिन बड़ी संख्या में खातों के आधार से लिंक न होने के कारण, सरकार ने इस समय सीमा को बढ़ाकर 31 मार्च 2025 कर दिया। इससे महिलाओं को बिना किसी बाधा के योजना का लाभ मिलता रहेगा।

महिला दिवस पर विशेष पहल

महिला दिवस के अवसर पर, सरकार ने न केवल तीन किस्तों का भुगतान किया है, बल्कि राज्य के सभी पर्यटन स्थलों पर महिलाओं के लिए नि:शुल्क प्रवेश की भी घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को मानसिक शांति और मनोरंजन का अवसर प्रदान करना है, जिससे वे अपनी व्यस्त जीवनशैली से कुछ समय निकालकर प्रकृति के करीब आ सकें।

योजना का आर्थिक प्रभाव और भविष्य की दिशा

योजना की राशि में वृद्धि से राज्य सरकार पर वित्तीय भार बढ़ा है। कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल के अनुसार, इस वृद्धि से सरकार पर लगभग ₹9,000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसके बावजूद, सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इस पहल से राज्य की महिलाओं में उत्साह है, और वे सरकार के इस कदम की सराहना कर रही हैं। यह योजना न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगी, बल्कि उनके सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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